Posts

Showing posts with the label महिला रोग विशेषांक

Menstrual cycle या मासिक धर्म के समय दर्द क्यों होता है

Image
                  Menstrual cycle या मासिक धर्म -                                मासिक धर्म या menstrual cycle यह एक स्वाभाविक क्रिया है ।यह सभी लड़कियों को 12 से 16 साल के वर्ष की आयु में होना नितांत आवश्यक है। सभी लड़कियों में 12 से 16 साल या teen age इस समय बहुत सारे शारीरिक तथा मानसिक परिवर्तन होते हैं ।क्योंकि शरीर में नए-नए हारमोंस तैयार होती हैं । जिसके कारण यह परिवर्तन होना भी जरूरी है ,शारीरिक परिवर्तन लड़कियों और लड़कों में अलग-अलग होते हैं ।लड़कियों में शारीरिक परिवर्तन जैसे कांख में बाल का आना, योनि में बाल का आना, योनि का साइज बड़ा होना ,ब्रेस्ट या छाती के आकार का बढ़ना और मासिक स्राव का आना आदि परिवर्तन होना बहुत जरूरी है। और इसमें एक मुख्य परिवर्तन है, मासिक धर्म का आना। मासिक धर्म के आने के पहले सभी लड़कियों को पहले से ही इसके विषय में ज्ञान होना बहुत जरूरी है ।माता को पहले ही इस विषय के बारे में अपनी लड़कियों को बताना जरूरी होता है ,क्योंकि ...

Pregnancy (गर्भवती)न होने के कारण तथा उपचार

Image
Pregnancy ( गर्भवती) न होने के कारण                 गर्भवती न  होने के तीन कारण हो सकते हैं। 1. योनि में लिंग प्रवेश न हो पाना। 2. लिंग प्रवेश होने पर संभोग उपरांत शुक्राणु गर्भाशय ग्रीवा की मार्ग में  होकर गर्भाशय में पहुंचने में बाधा और असमर्थता। 3.लिंग प्रवेश में बाधा या असमर्थता ।                    इसमेंं स्त्री पुरुष दोनो में कुछ ना कुछ दोष  हो सकता है।                 पत्नी संबंधी विकार  --  1.    hymen या योनि छिद्र  अत्यंत सख्त  या उसका rupture ना हुआ हो। प्रथम सहवास में योनिच्छद या hymen फट जाता है । 2.सपीड़ा योनी संकोच- संभोग के समय अंदर में योनि इतनी संकुचित हो जाती है कि लिंग प्रवेश में परेशानी होती है।  3. पहले कभी हुए जख्म आदि के कारण वहां स्कार scar  या योनि छिद्र गुहा अत्यंत छोटी हो जाती है ।यह चोट, व्रण पहले कभी बच्चा होते समय व्रण होने या शल्य कर्म के उपरांत ह...

Leucorrhea or श्वेत प्रदर

Image
                            Leucorrhea or श्वेत प्रदर का सरल अर्थ है, स्त्रीयों की योनिमार्ग से एक श्वेत रंग का तरल स्त्राव सदा निर्गत होते रहना।आजकल 99%महिलाओं को यह रोग होता है।             यह रोग दो प्रकार का होता है। 1.श्वेत प्रदर-white discharge through vagina 2.रक्त pradara-bleeding through vagina other day of menstrual cycle      श्वेत प्रदर या Leucorrhea के कारण- शिशुकाल मे बच्चा जब माता पिता के साथ सोते हुए उनके असंयत आचरण को देखता है तो उसके अंदर एक कौतूहल उत्पन्न होती है।तब भी शिशुकाल मे योनिमार्ग से सफेद स्त्राव निकलता है।पर यह एक प्रदर रोग नही है। इसके बाद बच्चे स्कूल में जाते हैं।वहां लड़के लडकि साथ में पढ़ने से और विभिन्न प्रकार क के योनि सम्बन्धी ज्ञान प्राप्त होता है तथा हस्त मैथुन आदि प्रक्रिया लड़कियाँ सीखती है।इस समय सफेद स्त्राव आरम्भ होता है। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए जब लड़कियाँ जाती है और आजकल movie or programme देखकर उनका आकर्षण बढता है।...